प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। यह कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि संतोष शुक्ला नाम के एक शख्स की 12 साल की 'कैद' और 'जुल्म' की दास्तां है।
प्रतापगढ़ में मजहबी कट्टरता का सबसे वीभत्स चेहरा सामने आया है। संतोष शुक्ला, जिन्हें 12 साल पहले बंधक बनाया गया था, उन्हें न सिर्फ कैद में रखा गया बल्कि जबरन इस्लाम कबूल करवाकर 'शेर अली खान' बना दिया गया। जुल्म की इंतहा देखिए, आरोपियों ने संतोष का फर्जी आधार कार्ड तक बनवा दिया ताकि उनकी पहचान पूरी तरह मिटाई जा सके।
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। 'सनातन हितकारिणी' संस्था की पहल पर आज संतोष शुक्ला की सनातनी परंपरा के साथ घर वापसी हुई है। वैदिक मंत्रोच्चार और पवित्र हवन के बीच संतोष ने दोबारा अपना धर्म अपनाया। इस मामले में प्रतापगढ़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी बदरूल जमां समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इस धर्मांतरण के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था?
आज दिनांक 1 मार्च 2026 को प्रतापगढ़ के आश्रम वैदिक मंदिर मकोइया कुंडा में एक भव्य 'शुद्धिकरण और घर वापसी' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सनातन हितकारिणी न्यास के के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संतोष शुक्ल ने वैदिक रीति-रिवाज, हवन और मंत्रोच्चार के बीच दोबारा हिंदू धर्म अपनाया।
सनातन धर्म से इस्लाम कबूल करने वाले सन्तोष शुक्ला का आरोप है कि दाउदनगर मस्जिद में उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर नाम 'शेर अली खां' रख दिया गया। इतना ही नहीं, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उसका फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया गया, जिसका आरोपी दुरुपयोग कर रहे थे। शिकायती पत्र में उल्लेख है कि पीड़ित को उसकी धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध मांस खाने के लिए मजबूर किया जाता था। विरोध करने या भागने का प्रयास करने पर उसे बुरी तरह मारा-पीटा जाता और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। किसी तरह जान बचाकर वह उस माहौल से बाहर निकला। पीड़ित ने बताया कि 20 फरवरी 2026 को भागने के प्रयास के दौरान आरोपियों ने उसे रास्ते से फिर उठा लिया और प्रताड़ित किया। किसी तरह उनके चंगुल से छिपकर जेठवारा थाने पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित संतोष शुक्ल अब अपने परिवार साथ सुरक्षित हैं।
गौरतलब है कि धर्मांतरण एक बड़ा मुद्दा है, जिसको लेकर सरकार भी अलर्ट मोड में है। भारत में अक्सर लोगों का जबरदस्ती धर्म बदलवाने की खबरें सामने आती रहती हैं। पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। कई बार ये काम जबरन करवाया जाता है और कई बार किसी चीज का लालच देकर। लेकिन ऐसे ही मुद्दों से निपटने के लिए कई संस्थाएं आगे आई हैं जो ऐसे मामलों का पता लगाती हैं और पीड़ित व्यक्ति को उसके धर्म में वापसी करवाती हैं। इस तरह के मामलों पर नकेल कसने के लिए पुलिस और प्रशासन को मुहिम चलाकर कार्रवाई करने की जरूरत है।
संतोष शुक्ला की घर वापसी इस बात का उदाहरण है कि देर कभी भी नहीं होती। अगर मन में विश्वास हो तो बड़ी से बड़ी मुसीबत से निकला जा सकता है। घर वापसी करने के बाद संतोष शुक्ला ने राहत की सांस ली है। (इनपुट: प्रतापगढ़ से बृजेश मिश्र)
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